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बूढ़ सुग्गा पोस न मानेला-भोजपुरी कहावत

‘बूढ़ सुग्गा पोस न मानेला’ यह भोजपुरी कहावत काफी पुरानी है। आइए सबसे पहले कठिन शब्दों का अर्थ जानते हैं कठिन शब्दार्थ बूढ़ – बूढ़ासुग्गा – तोता (मराठी में पोपट)पोस – पोषण, उपकार बूढ़ सुग्गा पोस …

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होत न आज्ञा बिनु पैसारे|Hot Na Agya Binu Paisare Meaning

श्री हनुमान चालीसा में २१ वां दोहा है ‘राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु पैसारे’ इसमें आज्ञा बिनु पैसारे का अर्थ समझते हैं शब्दार्थ पैसारे शब्द प्रवेश शब्द का अपभ्रंश है। अवध के गावों …

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राम सदा सहायते अर्थ

राम सदा सहायते का अर्थ अर्थ प्रभु श्री राम सदैव हमारी सहायता करें।। कहाँ प्रयुक्त होता है ‘राम सदा सहायते’ यह एक सांत्वना सूचक वाक्य है। कई लोग इसे अपनी कार , दरवाजों इत्यादि पर लिखवा …

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जासु नाम भव भेषज-अर्थ, व्याख्या व प्रयोग

जासु नाम भव भेषज हरण घोर त्रय शूल दोहे का अर्थ जासु नाम भव भेषज हरण घोर त्रय शूलसो कृपाल मोहिं तो पर सदा रहउँ अनुकूल ॥124 क॥ अर्थ: जिनका नाम ( राम ) ही जन्म …

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आगे नाथ न पीछे पगहा : Aage Nath Na Piche Pagha Ka Arth

उत्तर प्रदेश और बिहार में यह कहावत ‘आगे नाथ न पीछे पगहा‘ (Aage Nath Na Piche Pagha) अभी भी गावों में प्रयोग की जाती है। खासकर उन नौजवान बेफिक्रे युवाओं के लिए जो बिल्कुल स्वच्छंद हैं …

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धर्मो रक्षति रक्षितः