Join Adsterra Banner By Dibhu

जेहि पर कृपा न करहिं पुरारी|Jehi Par Kripa Na Karahi Purari

5
(2)

जेहि पर कृपा न करहिं पुरारी। सो न पाव मुनि भगति हमारी॥
अस उर धरि महि बिचरहु जाई। अब न तुम्हहि माया निअराई॥

अर्थ: भगवान विष्णु नारद जी से कहते हैं कि हे मुनि जिस पर पुरारी (पुर दानव के शत्रु भगवान शिव) की कृपा न हो तो उसे मेरी भक्ति नहीं प्राप्त होती। आप ये बात अपने मन में रखकर अब जाइये भ्रमण करिये। अब मेरी माया आपके निकट आएगी। अर्थात अब आप मेरी माया से प्रभावित नहीं होंगे।

सन्दर्भ एवं प्रसंग

यह प्रसंग तब का है जब नारद जी माया की रचित राजकुमारी से विवाह करना चाहते थे और भगवान विष्णु ने उन्हें बन्दर का स्वरुप दे दिया था। स्वयंवर में असफल होने पर नारद जी प्रभु को श्राप देते हैं परन्तु बाद में माया रचित राजकुमारी के अदृश्य हो जाने पर उन्हें अपनी भूल का अनुभव हुआ। तब वह प्रभु से क्षमा मांगने लगे। इस पर भगवान उन्हें समझाते हैं।

इसके पहले की चौपाई-कोउ नहिं सिव समान प्रिय मोरें

इसके पहले की चौपाई इस प्रकार है

जपहु जाइ संकर सत नामा। होइहि हृदयँ तुरत बिश्रामा॥
कोउ नहिं सिव समान प्रिय मोरें। असि परतीति तजहु जनि भोरें॥

अर्थ: भगवान विष्णु नारद जी से कहते हैं कि हे मुनि अब तुम जाकर भगवान शिव के शतनाम का जाप करो। इससे तुम्हारे हृदय में शांति होगी। शिव के समान कोई भी मुझे प्रिय नहीं है ऐसा ढृढ़ विश्वास कभी भूल कर भी मत छोड़ना।

इसके बाद की चौपाई

इसके बाद की चौपाई इस प्रकार है

बहुबिधि मुनिहि प्रबोधि प्रभु तब भए अंतरधान।
सत्यलोक नारद चले करत राम गुन गान॥

अर्थ: भगवान विष्णु नारद जी को बहुत प्रकार से समझा बुझाकर (सांत्वना देकर) अंतर्ध्यान हो गए। तब नारद जी भगवान राम का के गुणों का गान करते हुए सत्यलोक को चले गए।

FAQ- बहुविध प्रश्नोत्तरी

Q1. जेहि पर कृपा न करहिं पुरारी किस कांड में है ?

A. यह चौपाई बालकाण्ड में है।

Q2. जेहि पर कृपा न करहिं पुरारी के रचयिता कौन हैं ?

A. इस चौपाई के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी हैं।

Buy Shiv Chalisa, Aarti & Vishwanathshtakam

Buy Bhagwan Shiv Chalisa, Shiv Aarti & Shri Vishwanathashtakam eBook with meaning in English & Hindi



English-Shri-Shiv-ChaleesaAratiVishvanathastak-Meaning-Dibhu-manuscript_New_02

Buy authentic Ebooks from Dibhu.com below

Prabhu Shri Ram Pooja Hymn Collection


Pooja Procedure, Shri Ram Chalisas, Rakshastrot, Stuti & Arati with Meaning in English & Hindi




1.Shodashopachar Pooja Procedure
2.Shri Ram Chalisas by Sant Haridas & Sundardas
3.Ramrakshastrot by Buhdkaushik Rishi
4.Shri Ram Stuti done by Bhagwan Shiva
5.Shri Ramchandra Kripalu Bhajman Aarti by Tulasidas ji
6.Also All Hymns: Only Transliteration & Hindi-Roman Text
(For distraction free recitation during Pooja)






In case if you have any ebook transaction related query,please email to heydibhu@gmail.com.




Facebook Comments Box

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Tell us how we can improve this post?

Dibhu.com is committed for quality content on Hinduism and Divya Bhumi Bharat. If you like our efforts please continue visiting and supporting us more often.😀
Tip us if you find our content helpful,


Companies, individuals, and direct publishers can place their ads here at reasonable rates for months, quarters, or years.contact-bizpalventures@gmail.com