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परख पर कबीर के दोहे|Kabir Ke Dohe on Analytic Prowess

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कबीर खारहि छारि के, कंकर चुनि चुनि खाय
रतन गावये रेत मैं, फिर पाछै पछताय।

Kabir kharahi chhari ke ,kankar chuni chuni khaye
Ratan gawaya ret mein ,fir pachhai pachhitai .

भावार्थ: कबीर कहते है कि मीठी चीनी छोड़ कर कंकड़-पथ्थर चुन-चुन खा रहे हैं। इस शरीर रुपी रत्न को बालू में वर्वाद कर अब पश्चाताप करने से क्या लाभ है।

Meaning: Kabir says you have left aside sugar and are picking and eating pebbles.The jewel has been lost in the sand there is no good repenting now.

कबीर चुनता कन फिरा, हीरा पाया बाट
ताको मरम ना जानिय, ले खलि खाई हाट।

Kabira chunta kan fira ,hira paya bat
Tako maram na janiya , le khali khai hat .

भावार्थ: कबीर चावल का दाना चुनते चल रहे हैं और उन्हें रास्ते में हीरा मिल गया। किंतु उसका महत्व नहीं जानने के कारण वे बाजार में चूना लेकर खा रहे है। सत्संग के बिना ज्ञान नहीं हैं |

Meaning: Kabir says, While roaming and picking up grains of rice you got a diamond on the way; Not knowing its value, you eat it as a grain of limestone from the market .

काया माहि कबीर है, ज्यों पहुपम मे बास
कई जाने कोई जौहरी, कई जाने कोई दास।

Kaya mahi Kabir hai ,jyon pahupan me bas
Kai jane koi johari ,kai jane koi das.

भावार्थ: कबीर के अनुसार इसी शरीर में प्रभु का वास है जैसे फूल में सुगंध का बास है। इस तथ्य को कोई पारखी या जौहरी जानता है अथवा कोई प्रभु का भक्त या दास।

Meaning: There is God inside the body of Kabir as there is fragrance in flower Only a jeweler knows it or a devotee or a servant knows it .

कबीर ये जग आंधरा, जैसे अंधी गाय
बछरा था सो मरि गया, वो भी चाम चटाय।

Kabir ye jag aandhra,jaisi aandhi Gaay
Bachhra tha so mari gaya ,wu bhi cham chataay .

भावार्थ: कबीर के मुताविक यह संसार अंधा-अविवेकी है जैसे कि एक अंधी गाय। उसका वछड़ा मर चुका है पर उसे हीं बार-बार चाट रहा है। आदमी भी नश्वर शरीर में मन लगाता है।

Meaning: Kabir says this world is blind as the blind cow The calf has gone dead but it is still licking its leather.

कबीर देखि परखि ले, परखि के मुख खोल
साधु असाधु जानि ले, सुनि मुख का बोल।

Kabir dekhi parakhi le , parakhi ke muh khol
Sadhu asadhu jani le ,suni suni mukh ka bol .

भावार्थ: कबीर कहते हैं कि देख-समझ कर हीं अपना मुॅंह खोलना चाहिये कुछ बोलना चाहिये। व्यक्ति के साधु या असाधु की जाॅंच उस के वचन सुन कर हीं की जा सकती है।

Meaning: Kabir says you see and test and then only you open your mouth.You first know a saint or otherwise by continuously hearing his speech.

जब गुण को गाहक मिलय, तब गुण लाख बिकाय
जब गुण को गाहक नहीं, कौरी बदले जाय।

Jab gun ko gahak milay ,tab gun lakh bikay
Jab gun ko gahak nahi , kauri badle jay .

भावार्थ: गुणी का ग्राहक मिलने पर वह लाखों में विकता है। पर गुणी का ग्राहक खरीदार नहीं मिलने पर वह कौड़ी के भाव लिया जाता है।

Meaning: When you get a buyer of merit , then the merit is sold in lacs. When there is no buyer of merit ,it is exchanged in small shells .

नैना सोई जानिये जाके हिय विवेक
नैन खोंट तब जानिये, साहब को नहि देख।

Naina soi janiye jake hiye vivek
Nain khont tab janiye , Sahab ko nahi dekh .

भावार्थ: उसी के आॅंख को सही मानिये जिसके हृदय में विवेक है। उसके आॅंखों में कोई खरावी मानिये जो ईश्वर को नहीं देख पाता है।

Meaning: You know the eyes are pure, in whose heart is rationality.You know the eye is defective, which does not see the God.

नाम हीरा धन पाइये औ हीरा धन मोल
चुनि चुनि बांधो गांठरी पल पल देखो खोल।

Naam hira dhan paiya aua hira dhan mol
Chuni chuni bandho ganthri pal pal dekho khol .

भावार्थ: प्रभु के राम रुपी धन को हीरा अनमोल है। अन्य हीरा धन का मूल्य है। प्रभु का हीरा चुन-चुन कर गठरी बाॅंधों और क्षण-क्षण उसका दर्शन करो।

Meaning: Only God is a priceless diamond, other diamonds have price Tie your bundle with the name of God, then open it every now and then and see.

मैं जानु हरि दूर है, हरि है हृदय माहि
आरी टाटि कपट की, तासै दीसत नाहि़़़।

Main janu Hari door hai ,Hari hai hirday mahi
Aari tati kapat ki , tasai deesat nahi .

भावार्थ: मैं जानता था कि प्रभु बहुत दूर हैं परंतु प्रभु तो अंतरात्मा में हैं। छल कपट का परदा के कारण वह हमें दिखाई नहीं देते हैं।

Meaning: I thought that God was very far but God is inside the heart There is a curtain of hypocrisy ,therefore he is not visible .

परदेशा खोजन गया, घर हीरा की खान
कांच मनी का पारखी, क्यों पाबैय पहिचाान।

Pardesa khojan gaya , ghar hira ki khan
Kanch money ka parkhi , kyon pabey pahichan .

भावार्थ: मैं प्रभु को खोजने दूर देश तक गया परंतु हीरा का खान तो घर में हीं था। शीशे के आभुषण का पारखी उसे कैसे पहचान पायेगा?संासारिक विषयों में लिप्त प्रभु को कैसे जान सकता है।

Meaning: I have gone to search in distant land, but the diamond is in my house. The assayer of glass jewelry can never recognise the true gem.

बकता ज्ञानी जगत में, पंडित कवि अंनत
सत्य पदारथ पारखी, बिरला कोई संत।

Bakta gyani jagat mein , pandit kavi anant
Satya padarath parkhi , birla koi sant .


भावार्थ: बोलने बाला ज्ञाता,पंडित और कवि इस संसार में अनेकानेक हैं किंतु पदार्थ के सत्य को जानने वाला विरले हीं मिलते है। वे संत हैं जो प्रभु को जानते हैं।

Meaning: Speaker,knoweldgeable,scholar and poet are many in the world But the knower of the truth of the matter is a rare saint .

हंसा बगुला ऐक सा, मान सरोवर माहि
बागा ढ़िंढोरै माछरी, हंसा मोती खांहि

Hansa bagula ek sa ,maan sarowar mahi
Baga dhindhorai machhri , hansa moti khanhi .

भावार्थ: हॅंस और बगुला एक समान दीखते हैं और दोनों मानसरोवर में रहते हैं। परंतु बगुला मछली खोजता है और हॅंस मोती खाता है। संासारिक लोग बिषय वासना में रहते हैं और भक्त ईश्वर में निमग्न रहता है।

Meaning:The swan and duck are alike , both live in Mansarovar lake The duck searches fish and the swan eats pearl.

उत्तर दक्षिण पुरब पक्षिम, चारो दिशा प्रमान
उत्तम देश कबीर का, अपरापुर स्थान।

Uttar dakshin purab pachhim , charo disha praman
Uttam desh Kabir ka ,amrapur asthan .

भावार्थ: सभी दिशाओं में प्रमाणिक रुप से सत्य है परंतु उत्तम देश स्थान वह है जहाॅं प्रभु का निवास स्थान है।

Meaning : North south east west all the directions are true The best place of Kabir is the abode of God.

एक ही बार परखिये, ना वह बारंबार
बालू तोहुं किरकिरि, जो छाानय सौ बार।

Ek hi bar parakhiye , na wah barambar
Balu tauhun kirkiri ,jo chhanai sau bar .

भावार्थ: किसी मनुष्य की जाॅच एक बार करना पर्याप्त है-बारंबार नहीं। बालु को सौ बार छानने पर भी उसका किरकिराहट नहीं जाता है।

Meaning: Test a man only once , never repeatedly If you filter the sand hundred times , the crackling will not go .

हीरा परखैय जौहरी, सबदहि परखय साध
कबीर परखै साधु को, ताका मता अगाध।

Hira parkhai jauhari ,sabdahi parkhai sadh
Kabir parkhai sadhu ko ,taka mata agadh .

भावार्थ: हीरा का पारखी जौहरी और शब्दो का पारखी संत है। कबीर का मत है कि संतों की परख उनकी गंभीर वाणी और विचारों से है।

Meaning: Diamond is tested by jeweller ,the word is tested by saints Kabir tests the saints whose views are very deep.

हीरा का कछु ना घटा, घट जु बेचनहार
जनम गवायो आपनो, अंधे पसु गंवार।

Hira ka kachhu na ghata ,ghat ju bechanhar
Janam gawayo aapno ,andhe pasu ganwar.

भावार्थ: हीरा को कचड़े-कुड़ा की तरह वेचने वाले का घाटा होता है हीरा का कुछ नहीं होता। मैंने अपना जीवन अंधे और गॅंवार पशु की तरह गॅंवा दिया। विवेकी मनुष्य को अपने जीवन का महत्व समझना चाहिये।

Meaning: There is no loss to diamond , the loss will occur to the seller The whole life of mine has been spent as blind and rustic animal .

हीरा तहां ना खोलिय, जहां खोटी है हाट
कसि करि बांधो गांठरी, उठि करि चलो बाट।

Hira tahan na kholiye ,jahan khoti hai hat
Kasi kari bandho ganthri ,uthi kari chalo bat .

भावार्थ: अपने हीरा को उस जगह मत खोलो जहाॅं का बाजार में भ्रम हो। अपनी गठरी को कस कर बाॅंधों और उठकर अपने रास्ते चल दो। निम्न बुद्धि वालों के बीच अपने सत्य ज्ञान को मत खोलो।

Meaning: Don’t open your diamond there where market is corrupt Tightly tie your bundle ,stand up and walk to your road .

हृदय हीरा उपजय, नवी कमल के बीच
जो कबहु हीरा लखै, कदै ना आबैय मीच।

Hirday heera upjay , navi kamal ke beech
Jo kabhun heera lakhai ,kadai na aabey meech .

भावार्थ: कमल हृदय और नाभि के बीच उत्पन्न होता है। जो हीरा को लेता है उसके निकट मौत,दुख और संताप कभी नहीं आता। हृदय में हीरा रुपी प्रभु को पहचानना आवश्यक है।

Meaning: Lotus grows in between heart and umbilical cord One who identifies that diamond ,death and unhappiness never comes to him .

हंसा तो महरान का, आया बलियो माहिं
बगुला करि करि मारिया, मरम जु जाने नाहि।

Hansa to maharan ka ,aaya baliyon mahin
Bagula kari kari mariya ,maram ju jane nahi .

भावार्थ:मान सरोवर का हॅंस इस पृथ्वी पर आ गया और लोग बगुला समझ कर उसे मारने लगे कारण लोग उसके महत्व को नहीं समझते थे।ज्ञानी लोगों का महत्व नहीं जानने पर लोग उन्हें परेशान करते हैं।

Meaning: The swan of mansarovar has come to this earth People start beating by taking it as duck as they do not know the reality.

सागर मे मानिक बसै, चिन्हत नाहि कोय
या मानिक कु सो लखे जाको गुरुमत होय।

Sagar me manik base , chinhat nahi koy
Ya manik ku so lakhe ,jako gurumat hoye.

भावार्थ: समुद्र में मोती रहता है परंतु उसे कोई पहचानता नहीं है। इस मोती को वह पहचान सकता है जो गुरु की भक्ति में पूर्ण समर्पित होता है।

Meaning:There is pearl in the sea but no one recognises it . Only he can recognise this pearl who is the devotee of Guru .

विषय से सम्बंधित लेख :

कबीर के दोहे-भाग 1-अनुभव: Kabir Ke Dohe-Experience
कबीर के दोहे-भाग 2-काल: Kabir Ke Dohe-Death
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कबीर के दोहे-भाग 4-नारी: Kabir Ke Dohe-Women
कबीर के दोहे-भाग 5-सेवक: Kabir ke Dohe-Servant
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कबीर के दोहे-भाग 8-बन्धन: Kabir ke Dohe-8 Bondage
कबीर के दोहे-भाग 9-चेतावनी: Kabir Ke Dohe-Warning
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कबीर के दोहे-भाग 12-वीरता: Kabir Ke Dohe-Bravery
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