Join Adsterra Banner By Dibhu

कबीर के दोहे जीवन की क्षणभंगुरता पर| Kabir Ke Dohe on Ephemeral Life

0
(0)

अर्घ कपाले झूलता, सो दिन करले याद
जठरा सेती राखिया, नाहि पुरुष कर बाद।

Argh kapale jhulta,so din kar le yad
Jathra seti rakhiya,nahi purush kar bad.

भावार्थ: तुम उस दिन को याद करो जब तुम सिर नीचे कर के झूल रहे थे। जिसने तुम्हें माॅं के गर्भ में पाला उस पुरुष-भगवान को मत भूलो। परमात्मा को सदा याद करते रहो।

Meaning: You remember the day when you were hanging with head upside down.You were safely kept in the womb by him,but you don’t remember him.

अहिरन की चोरी करै, करै सुई की दान
उॅचे चढ़ि कर देखता, केतिक दूर बिमान।

Ahiran ki chori karai,karai sooyee ka dan
Unche chadhi kar dekhta,ketik door viman.

भावार्थ: लोग लोहे की चोरी करते हैं और सूई का दान करते हैं। तब उॅंचे चढ़कर देखते हैं कि विमान कितनी दूर है। लोग जीवन पर्यन्त पाप करते हैं और अल्प दान करके देखते हैं-सोंचते हैं कि उन्हें स्वर्ग ले जाने के लिये विमान कितनी दूर पर है और कब ले जायेगा।

Meaning: People steal iron and donate needle. And then the step up high to expect heavenly aeroplane to take them to heaven.

आये है तो जायेगा, राजा रंक फकीर
ऐक सिंहासन चढ़ि चले, ऐक बांधे जंजीर।

Aaye hain to jayenge,raja rank fakir
Ek singhasan chadhi chale,ek bandhe janjeer.

भावार्थ: इस संसार में जो आये हैं वे सभी जायेंगे राजा, गरीब या भिखारी। पर एक सिंहासन पर बैठ कर जायेगा और दूसरा जंजीर में बंध कर जायेगा। धर्मात्मा सिंहासन पर बैठ कर स्वर्ग और पापी जंजीर में बाॅंध कर नरक ले जाया जायेगा।

Meaning :One who has come will go, the king, the poor, the beggar. The virtuous will go sitting on the throne, while others would go bound with the chain.

आठ पहर यूॅ ही गया, माया मोह जंजाल
राम नाम हृदय नहीं, जीत लिया जम काल।

Aath pahar youn hi gaya,maya moh janjal
Ram nam hirday nahi,jeet liya jam kal.

भावार्थ: माया मोह अज्ञान भ्रम आसक्ति में संपूर्ण जीवन बीत गया। हृदय में प्र्रभु का नाम भक्ति नहीं रहने के कारण मृत्यु के देवता यम ने मनुष्य को जीत लिया है।

Meaning: Twentyfour hours have gone by chained with ignorance and delusion. Ram is not in the heart and the life is won by the God of death.

आज कहै मैं काल भजू, काल कहै फिर काल
आज काल के करत ही, औसर जासी चाल।

Aaj kahai mai kal bhaju, kal kahai fir kal
Aaj kal ke karat hi,ausar jasi chal.

भावार्थ: लोग आज कहते हैं कि मैं कल से प्रभु का भजन करुॅंगा और कल कहतें हैं कि कल से करुॅंगा। इसी आज कल के फेरे में प्रभु के भजन का अवसर चला जाता है और जीवन व्यर्थ बीत जाता है।

Meaning :I say I will pray tomorrow. Tomorrow I say tomorrow again. Lost in today and tomorrow,the opportunity is gone.

आंखि ना देखे बापरा, शब्द सुनै नहि कान
सिर के केश उजल भये, आबहु निपत अजान।

Aankhi na dekhe bapra,sabd sunai nahi kan
Sir ke kesh ujal bhaye,aabahu nipat ajan.

भावार्थ: मूर्ख अपने आॅंख से नहीं देख पाते हैं न हीं वे कानों से सुन पाते हैं। सिर के सभी बाल सफेद हो गये पर वे अभी पूरी मूर्खता में हैं। उम्र से ज्ञान नहीं होता और वे ईश्वर की सत्ता पर विश्वास नहीं कर पाते हैं। अच्छे दिन पाछे गये, हरि सो किया ना हेत
अब पछितावा क्या करै, चिड़िया चुगि गयी खेत। हमारे अच्छे दिन बीत गये पर हमने ईश्वर से प्रेम नहीं किया। अब पश्चाताप करने से कया लाभ होगा जब पक्षी खेत से सभी दाने चुन कर खा चुके हंै।

Meaning: The foolish doesn’t see with the eyes,nor does he hear with ears. The hairs have whitened but he remains totally ignorant.

उॅचा मंदिर मेरिया, चूना कलि घुलाय
ऐकहि हरि के नाम बिन, जादि तादि पर लै जाय।

Aachhe din pachhe gaye ,Hari so kiya na het
Aab pachhitawa kya karai,chiriya chugi gayee khet.

भावार्थ: उॅंचा मंदिर बनाया गया उसे चूना और रंग से पोत कर सुन्दर बना दिया गया।परंतु प्रभु की पूजा और भजन-कीत्र्तन के बिना एक दिन वह स्वतः नष्ट हो जायेगा।

Meaning: The good days have gone but you did not love the God. What use it is to repent now when the birds have pecked the field.

ऐक शीश का मानवा, करता बहुतक हीश
लंका पति रावन गया, बीस भुजा दस शीश।

Uncha mandir meriya,chuna kali dhulai
Ekhai Hari ke nam bin,jadi tadi parlai jaye.

भावार्थ: एक सिर का मनुष्य बहुत अहंकार और धमंड करता है जब कि लंका का राजा रावन बीस हाथ और दस सिर का रहने पर भी चला गया तो दूसरों का क्या कहना है।

Meaning: A high temple was built, white washed with colour and lime. Alas without prayer and worship inside it, it will eventually get destroyed.

उजल पहिने कापड़ा, पान सुपारी खाये
कबीर हरि की भक्ति बिन, बंघा जम पुर जाये।

Ek sish ka manwa, karta bahutak heesh
Lankapati Ravan gaya,bees bhuja das shish.

भावार्थ: उजला कपड़ा पहन कर मुॅंह में पान सुपारी खा कर लोग अपने घमंड में रहते हैं। कबीर कहते हैं कि प्रभु की भक्ति के बिना एक दिन मृत्यु के देवता हमें बाॅंधकर ले जायंेगे।

Meaning: Man of one head,does much empty pride. The king of Lanka Ravan is doomed with twenty hands and ten heads.

ऐक दिन ऐसा होयेगा, सब सो परै बिछोह
राजा राना राव रंक, साबधान क्यो नहिं होये।

Ujal pahine kapra ,pan supari khaye
Kabir Hari ki bhakti bin,bandha jampur jaye.

भावार्थ: एक दिन इस संसार में हमें सबसे बिछुड़ना होगा। तो फिर राजा,सेनापति,धनी, निर्धन सभी सतर्क-सावधान होकर ईश्वर की भक्ति क्यों नहीं करते हंै।

Meaning: One wears white cloth and eats the finest betel and nut. Kabir without the devotion of God, he will be tied and dragged to the place of death.

ऐक दिन ऐसा होयेगा, सब सो परै बिछोह
राजा राना राव रंक, साबधान क्यो नहिं होये।

Ek din aisa hoyega,sab so parai bichhoh
Raja rana rao rank,sabdhan kyo nahi hoye.

भावार्थ: एक दिन इस संसार में हमें सबसे बिछुड़ना होगा। तो फिर राजा,सेनापति,धनी, निर्धन सभी सतर्क-सावधान होकर ईश्वर की भक्ति क्यों नहीं करते ।

Meaning: A day will come when we will be separated from all. The king, general, rich and the poor, why don’t they become cautious.

ऐक दिन ऐसा होयेगा, कोये कहु का नाहि
घर की नारी को कहै, तन की नारी नाहि।

Ek din aisa hoyega,koye kahu ka nahi
Ghar ki nari ko kahai,tan ki nari nahi.

भावार्थ: एक दिन ऐसा आयेगा जब इस संसार में हमारा कोई नहीं रह जायेगा।घर की गृहणी पत्नी का क्या-शरीर की नाड़ी नस भी नहीं रहेगी और सब कुछ छोड़कर चला जायेगा।

Meaning: One day will come, when no body will be of none. What to say of lady of the house, even the nerve of the body will be gone.

ऐक बुंद ते सब किया, नर नारी का नाम
सो तु अंतर खोजि लैय, सकल बियापक राम।

Ek bund te sab kiya,nar nari ka nam
So tu antar khoji lai,sakal biyapak Ram.

भावार्थ: वीर्य के एक बूंद से संसार के समस्त नर नारी की उत्पति हुई है। इसी से प्रभु की सर्वब्यापकता के रहस्य का पता चलता है तुम इसे अपने ह्रदय के अन्तरतम में खोजो ।

Meaning: Every being is made with a single drop, has given the name of male and female. Go and seek the difference if you can in the omnipresence of Ram.

एैसी गति संसार की, ज्यों गादर की थाट
ऐक परि जीहि गार मे, सबै जाहि तिहि बाट।

Aaisi gati sansar ki,jyon gathar ki that
Ek pari jihi gar me ,sabai jahi tihi bat.

भावार्थ: इस संसार की गति भेंड़ की गति के समान हैं। यदि एक भेड़ किसी एक खाई में गिर जाती है तो भेंड़ का पूरा झुण्ड उसी गति को प्राप्त करता है।

Meaning: The destiny of the world is like that of a herd of sheep.If one falls in the pit, all sheep follow the way.

कबीर कुनवा तो ऐक है, पनिहारिन बहुतेक
पानी ऐक का ऐक है, दिखै घड़ा अनेक।

Kabir kunwa to ek hai,paniharin bahutek
Pani ek ka ek hai,deekhai ghara anek.

भावार्थ: कबीर का कहना है कि कुआॅं तो एक मात्र एक है पर पनिहारिन अनेक हैं। पानी भी एक मात्र है परंतु घड़ा तो अनेक दिखाई पड़ता है। परमात्मा एक हैं परंतु उनको मानने वाले पंथ अनेक हैं।

Meaning : Kabir, there is only one well, many draw its water. The water is also one, but the pitchers makes it look like many.

कबीर गर्व ना किजीये, देहि देखि सुरंग
बिछुरै पै मेला नहीं, ज्यों केचुली भुजंग।

Kabir garb na kijiye,dehi dekhi surang
Bichhurai pai mela nahi,jyon kechuli bhujang.

भावार्थ: कबीर अपने शरीर के सुंदरता पर गर्व नहीं करने की सलाह देते हैं। अगर यह शरीर घट जाता है मृत्यु हो जाती है तो यह शरीर साॅंप के केंचुल की तरह पुनः नही मिलता है।

Meaning: Kabir says never pride yourself,seeing the good colour of your body. Once separated you will never get it back just like the slough of a snake.

कबीर गर्व ना किजीये, काल गहे कर केश
ना जानो कित मारि है, क्या घर क्या परदेश।

Kabir garb na kijiye,kal gahe kar kesh
Na jano kit mari hain,kya ghar kya pardesh.

भावार्थ: कबीर कहते है कि घमंड मत करो। काल मृत्यु ने तुम्हारे बाल को पकड़ रखा है। कोई नहीं जानता कि उसकी मृत्यु कहाॅं होगी अपने घर में या परदेश में। काल तुम्हें कहाॅं मारेगा।

Meaning: Kabir says never be in vanity,the death has seized your hair. No one knows where you will die in your house or abroad.

कबीर केवल राम कह, सुध गरीबी चाल
कूर बराई बूरसी, भरी परसी झाल।

Kabir kewal Ram kah,sudh garibi chal
Koor barayee boorsi,bhari parsi jhal.

भावार्थ: कबीर कहते है कि गरीब के भाॅंति विनम्र भाव से प्रभु का नाम लो। तुम्हारे सभी सांसारिक दुख दूर हो जायेंगे। लोग अंहकार में इस उपदेश को नहीं मानते हैं और त्रिविध ताप से झुलसते रहते हैं।

Meaning: Kabir says, utter only the name of Ram, that too in gentle and humble way. People do not like this sane counsel and therefore keep burning themself in the worldly fire.

कबीर नौबत आपनी, दिन दस लेहु बजाये
येह पुर पत्तन येह गली, बहुरि ना देखी आये।

Kabir naubat aapni,din das lehu bajai
Yeh pur pattan yeh gali,bahuri na dekhi aaye.

भावार्थ: कबीर कहते हैं कि ढ़ोल रुपी यह शरीर तुम दस दिनों के लिये पीट बजा लो। यह जगह,घर शहर और गली तुम पुनः लौट कर देखने नहीं आ सकोगे।

Meaning: Kabir says this is your drum, beat it for ten days.This place, the house, the town and street,you will not return to see it again.

कबीर देबल हार का, माटी तना बंधान
खरहरता पाया नहीं, देवल का सहि दान।

Kabir debal har ka,mati tana bandhan
Kariharta paya nahi,dewal ka sahidan.

भावार्थ: कबीर कहते हैं यह शरीर हाड़ माॅंस का संमूह है और यह मिटृी से वृक्ष की भाॅंति बंघा है। मृत्यु के बाद इसे कोई देख भी नहीं पाता है कारण यह या तो मिटृी में गाड़ दिया जाता है या जला दिया जाता है।

Meaning: Kabir, this body is a bunch of bones, held together with mud. No one gets to keep it after the end, it is either burnt or buried.

कबीर देवल ढ़हि पड़ा, ईट भई संधार
कोयी छिजारा चुनियाॅ मिला ना दूजी बार।

Kabir debal dhahi para,eent bhayee sandhar
Koyee chijara chuniya,mila na dooji bar.

भावार्थ: कबीर के अनुसार इस शरीर रुप मकान के ढ़ह जाने पर हड्ी रुप इंट भी नष्ट हो जाता है यदि कोई मिरत्री उसे खोजे तो वह उसे पुनः नहीं मिलेगा। यह शरीर क्षणिक और नाशवान है।

Meaning: Kabir says this body is ruined,the bricks have tumbled down. If the mason searches for the bricks,he won’t find it again.

कबीर देवल ढ़हि पड़ा, ईट रही संवारि
करि चिजरा प्रीतरी, ढ़है ना दूजी बारि।

Kabir debal dhahi para,int rahi sanwari
Kari chijara preetri,dhahai na dooji bari.

भावार्थ: कबीर कहते है कि यह शरीर तो ढ़ह-मर गया-इसकी चिता को क्यों सजा रहे हो। तुम इसके निर्माता-परमात्मा से प्रेम करो तो कभी नाश नहीं होगा। तुम्हें जीवन से मुक्ति मिल जायेगी।

Meaning: Kabir says this body is spoiled, why do you now decorate the pyre. ove the Creator of this body and the body will not be spoiled again.

कबीर जो दिन आज है, सो दिन नाहि काल
चेति सकै तो चेति ले, मीच परी है खयाल।

Kabir jo din aaj hai,so din nahi kal
Cheti sakai to cheti le,meech pari hai khyal.

भावार्थ: कबीर का कहना है कि जो दिन आज है वह कल्ह नहीं रहेगा। अतः तुम सावघान हो जाओ यह अवसर पुनः नही मिलेगा।मृत्यु की दृष्टि सबों के उपर है। यह मानव जीवन पुनः नहीं मिलेगा।

Meaning: Kabir says the day which is today,that day will not remain tomorrow. Become cautious, if you can as you are under the constant view of death.

कबीर मनुवा मोर है, संसै रुपी संप
खाया पिया पचि गया, अंतर परगट आप।

Kabir manuwa more hai, sansay rupi saanp
Khaya piya pachi gaya,antar pargate aap.

भावार्थ: कबीर कहते है कि मन मोर सदृश्य है। और सब भ्रम सांप की तरह है। मोर ज्ञान सांप अज्ञान की तरह है। जब मोर सांप को पचा लेता हैं तो ह्रदय में प्रभु प्रगट होते है। ज्ञान अज्ञान को खा कर नास कर देता है। तब ह्रदय में ईश्वर प्रगट होते है।

Meaning: Kabir says the mind is a peacock, the doubts are like snake. When all that was eaten and drunk is digested, God appears inside.

कबीर येह तन बन भया, करम जु भया कुल्हार
आप आपको काटि है, कहै कबीर बिचारि।

Kabir yeh tan ban bhaya,karam ju bhaya kulhar
Aap aapko kati hai,kahai Kabir vichari.

भावार्थ: यह शरीर जंगल की तरह है और मेरे सारे कर्म कुल्हारी की भंाति है। यह स्वंग अपने से अपने को काटता है। बुरे कर्म अच्छे कर्मो को और अच्छे कर्म बुरे कर्मो को काट देता है।

Meaning: Kabir says this body is the forest, my doings are the axe. My doings destroy my very own body, so says Kabir.

कहा किया हम आये के, कहा करेंगे जाय
ईट के भये ना उॅठ के, चले मूल गबाये।

Kaha kiya ham aaye ke,kaha karenge jay
Et ke bhaye na ut ke,chale mool gabaye.

भावार्थ: हम इस संसार में जनम लेकर क्या किये? इस संसार से जाकर भी क्या करेंगे। ना तो हम इस संसार के हो सके और नहीं वहाॅं के। अपने मूल धन को गॅंबा कर हम इस संसार से चले। जन्म लेकर प्रभु की प्रार्थना नहीं की गई तो मुक्ति संभव नहीं है।

Meaning: What have I done by coming,what will I do by going away. Niether becoming of here nor of there, I am going after having lost my root.

कहै कबीर पुकारि के, चेते नाहि कोये
अबकी बिरियां चेति है, सो साहब का होये।

Kahe Kabir pukaari ke,chete nahi koye
Aabki biriyan cheti hai,so sahab ka hoye.

भावार्थ: कबीर पूकार कर कहते है की कोई आदमी सावधान नहीं है। यदि इस जन्म में तुम सावधान चेतन हो जाओ तो तुम ईश्वर के हो जाओगे। ईश्वर को प्राप्त कर सकोगे।

Meaning: Kabir calls out loudly, still none becomes aware. One who becomes aware this time, becomes that of God.

काल करै सो आज कर, आज करै सो अब्ब
पल मे परलय होयेगी, बहुरी करोगे कब्ब।

Kal karai so aaj kar, aaj karai so aabb
Pal me parlay hoyegi,bahuri karega kabb.

भावार्थ: कल करने बाला सतकर्म आज करो और आज करने बाला कल्याण अभी करो। किसी क्षण संसार का नाश हो सकता है तब तुम कब वह अच्छा कर्म करोगे।

Meaning: Do it today what you would do tomorrow, do it now what would have done today. There will be annihilation any moment, what will will you do then.

काल करै सो आज कर, सबहि साज तुव साथ
काल काल तु क्या करै, काल काल के हाथ।

Kaal karai so aaj kar,sabahi saaj tuwa saath
Kaal kaal tu kya karai,kaal kaal ke hath.

भावार्थ: कल जो करना हो उसे आज करलो। सभी साजो सामान तुम्हारे हाथ में है। कल कल तुम व्यर्थ करते हो। कल तो यमराज काल के हाथ में है। जीवन की कोई संभावना नहीं है।

Meaning: Do today what you wish to do tomorrow, you have all the tools with you.Why do you say tomorrow, tomorrow is in the hands of God of death.

चले गया सो ना मिले, किसको पुछु बाट
मात, पिता, सुत, बंधबा, झूठा सब संघात।

Chale gaye so na miley,kisko puchhu baat
Maat, pita, sut,bandhwa,jhutha sab sanghat.

भावार्थ: जो मर कर जले गये उन से पुनः मुलाकात नहीं हुई। किन से सही बात पूंछू। माता पिता पूत्र भाई बंधु-इस संसार के सभी संबंध अल्पकालिक झूठे है।

Meaning: One who is gone, never meets again, whom then I ask the matter ? Mother, father,son and brothers,all the relations are false.

चेत सबेरा बाबरे, फिर पाछै पछताये
तुझको जाना दूर है, कहे कबीर जगाये।

Chet sabere bawre,fir paachhey pachhtai
Tujhko jana door hai,kahe Kabir jagai.

भावार्थ: ओ मूर्ख जल्दी सावधान हो जाओ। बाद में पश्चाताप करना पड़ेगा। तूम्हें बहुत दूर जाना है। कबीर तुम्हें नींद से जगा रहें है। प्रभु का धाम बहुत दूर है।

Meaning: O foolish wake up early, or you will repent afterwards. You have to go very far, so says Kabir waking you up.

झूठा सब संसार है, कोउ ना आपना मीत
राम नाम को जानि ले, चले जो भौजाल जीत।

Jhutha sab sansar hai,kou na aapna meet
Ram nam ko jaani le, chalai so bhaujaal jeet.

भावार्थ: यह संसार असत्य है। इस में अपना कोई मित्र नहीं है। केवल राम नाम का ज्ञान कर लो तो तुम इस संासारिक जाल में उलझने से बच जाओगे और माया जाल से पार पा लोगे।

Meaning: The world is false, no one is a friend. Get to know the name of Ram and you will win against the illusions of this world.

जागो लोगो मत सुबो, ना करु नींद से प्यार
जैसा सपना रैन का, एैसा येह संसार।

Jaago logo mat subo, na karu neend se pyar
Jaisa sapna rain ka,aisa yeh sansar.

भावार्थ: ऐ लोगों जग जाओ-मत सोओ। नींद से प्यार मत करो। रात की स्वप्न की भाॅंति ही यह संसार भी झूठा है।

भावार्थ: O dear awake,don’t sleep,don’t love the slumber. As is the dream of the night,so is this world.

जंगल ढे़री राख की, उपरि उपरि हरिआये
ते भी होते मान वी, करते रंग रलियाये।

Jangal dheri rakh ki,upari upari hariaye
Te bhi hote maanvi,karte rang raliyaye.

भावार्थ: संसार रुपी जंगल चिता के राख के ढ़ेर समान है। उसके उपर हरियाली उग गयी है। वे सभी राख मनुष्यों के चिताओं के है जो संसार में आनंद और मौज लूट कर चले गये है।

Meaning: The forest is a pile of ash, it appears green from above. That man is also a pile of ash, who goes around enjoying this world.

मन मुवा मया मुवि, संसय मुवा सरीर
अबिनासी जो ना मारे तो क्यांे मरे कबीर।

Man muwa maya muwi,sansay muwa sarir
Abinasi jo na mare to kyo mare Kabir.

भावार्थ: मन मर चुका है। मया मोह मर चुका है। मेरे शरीर का भ्रम मर चुका है। जब अविनाशी प्रभु नहीं मरते है तो उनके साथ आत्मिक संबंध के कारण कबीर क्यों मरेगा?

Meaning: The mind is dead, illusions are dead, the doubts and the body have died. The immortal never dies, then why would Kabir ever die.

विषय से सम्बंधित लेख :

कबीर के दोहे-भाग 1-अनुभव: Kabir Ke Dohe-Experience
कबीर के दोहे-भाग 2-काल: Kabir Ke Dohe-Death
कबीर के दोहे-भाग 3-माया: Kabir Ke Dohe-Illusion
कबीर के दोहे-भाग 4-नारी: Kabir Ke Dohe-Women
कबीर के दोहे-भाग 5-सेवक: Kabir ke Dohe-Servant
कबीर के दोहे-भाग 6-भिक्षा: Kabir ke Dohe-Alms
कबीर के दोहे-भाग 7-वेश: Kabir ke Dohe-Garb
कबीर के दोहे-भाग 8-बन्धन: Kabir ke Dohe-8 Bondage
कबीर के दोहे-भाग 9-चेतावनी: Kabir Ke Dohe-Warning
कबीर के दोहे-भाग 10-वाणी: Kabir Ke Dohe-Speech
कबीर के दोहे-भाग 11-परमार्थ: Kabir Ke Dohe-Welfare
कबीर के दोहे-भाग 12-वीरता: Kabir Ke Dohe-Bravery
कबीर के दोहे-भाग 13-भक्त: Kabir Ke Dohe-Devotee
कबीर के दोहे-भाग 14-संगति: Kabir Ke Dohe-Company
कबीर के दोहे-भाग 15-परामर्श: Kabir Ke Dohe-Advice
कबीर के दोहे-भाग 16-मन: Kabir Ke Dohe-Mind
कबीर के दोहे-भाग 17-मोह: Kabir Ke Dohe-Attachment
कबीर के दोहे-भाग 18-लोभ: Kabir Ke Dohe-Greed
कबीर के दोहे-भाग 19-पारखी: Kabir Ke Dohe-Examiner
कबीर के दोहे-भाग 20-विरह: Kabir Ke Dohe-Separation
कबीर के दोहे-भाग 21-प्रेम: Kabir Ke Dohe-Love
कबीर के दोहे-भाग 22-ज्ञानी: Kabir Ke Dohe-Scholar
कबीर के दोहे-भाग 23-विश्वास: Kabir Ke Dohe-Faith
कबीर के दोहे-भाग 24-सर्वव्यापक ईश्वर: Kabir Ke Dohe-Omnipotent God
कबीर के दोहे-भाग 25-ईश्वर स्मरण: Kabir Ke Dohe-Rememberance
कबीर के दोहे-भाग 26-खोज: Kabir Ke Dohe-Search
कबीर के दोहे-भाग 27-क्रोध: Kabir Ke Dohe-Anger
कबीर के दोहे-भाग 28-बुद्धि: Kabir Ke Dohe-Intellect
कबीर के दोहे-भाग 29-संतजन: Kabir Ke Dohe-Saints
कबीरदास जी के प्रसिद्द दोहे

Facebook Comments Box

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Tell us how we can improve this post?

Dibhu.com is committed for quality content on Hinduism and Divya Bhumi Bharat. If you like our efforts please continue visiting and supporting us more often.😀
Tip us if you find our content helpful,


Companies, individuals, and direct publishers can place their ads here at reasonable rates for months, quarters, or years.contact-bizpalventures@gmail.com


Happy to See you here!😀

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्मो रक्षति रक्षितः