Join Adsterra Banner By Dibhu

वाणी पर कबीर के दोहे|Kabir Ke Dohe on Speech

0
(0)

कागा काको धन हरै, कोयल काको देत
मीठा शब्द सुनाये के , जग अपनो कर लेत।

kaga kako dhan harai,koel kako det
Meetha sabd sunai ke,jag aapno kari let.

भावार्थ: कौआ किसी का धन हरण नहीं करता और कोयल किसी को कुछ नहीं देता है। वह केवल अपने मीठी बोली से पूरी दुनिया को अपना बना लेता है।

Meaning: The crow does not take anyone’s wealth,the cuckoo does not give to anyone. It turn the world to itself only by speaking in a sweet voice.

कर्म फंद जग फांदिया, जप तप पूजा ध्यान
जाहि शब्द ते मुक्ति होये, सो ना परा पहिचान।

Karm fand jag fandiya,jap tap puja dhyan
Jahi sabd te mukti hoye,so na para pahichan.

भावार्थ: पूरी दुनिया जप तप पूजा ध्यान और अन्य कर्मों के जाल में फंसी है परंतु जिस शब्द से मुक्ति संभव है उसे अब तक नहीं जान पाये हैं।

Meaning: The world is trapped in muttering,penance,meditation,worship and other works. The word which provides salvation has not been known till now.

ऐक शब्द सों प्यार है, ऐक शब्द कू प्यार
ऐक शब्द सब दुशमना, ऐक शब्द सब यार।

Ek sabd soin pyar hai,ek sabd koo pyar
Ek sabd sab dushmana,ek sabd sab yar.

भावार्थ: एक शब्द से सबसे प्रेम उत्पन्न होता है एक शब्द सबको प्यारा लगता है। एक शब्द सबको दुशमन बना देता है और एक शब्द ही सबको मित्र बना देता है। वाणी का सामथ्र्य बहुत है।

Meaning: One word makes one loved by all, one word makes one love. One word turns all to enemy and one word turn one into a friend.

ऐक शब्द सुख खानि है, ऐक शब्द दुख रासि
ऐक शब्द बंधन कटै, ऐक शब्द गल फांसि।

Ek sabd sukh khani hai,ek sabd dukh rashi
Ek sabd bandhan katai,ek sabd gal fasi.

भावार्थ: एक शब्द सुख की खान है और एक ही शब्द दुखों का कारण बन जाता है। एक ही शब्द जीवन के समस्त बंधनों से मुक्त कर देता है और वही एक शब्द गले की फाॅंस बन जाता है।

Meaning: One word is a mine of happiness, another word is a sum of grief. One word cuts bondage and another word becomes trap for neck.

काल फिरै सिर उपरै, जीवहि नजरि ना जाये
कहै कबीर गुरु शब्द गहि, जम से जीव बचाये।

Kaal firay sir uprai,jibahi najari na jaye
Kahai Kabir guru sabd gahi,jam se jiv bachaye.

भावार्थ: सिर के उपर मृत्यु नाच रहा है किंतु मनुष्य इसे देख नहीं पा राहा है। यहि गुरु के उपदेशों को अच्छी तरह अपनावें तो जीव काल से बच सकता है।

Meaning: Death is roaming over the head, but the living is not able to see. Kabir says catch the sermons of Guru, that can save the living from death.

कुटिल वचन सब ते बुरा, जारि करै सब छार
साधु वचन जल रुप है, बरसै अमृत धार।

Kutil bachan sab te bura,jari karai sab chhar
Sadhu bachan jal roop hai,barsai amrit dhar.

भावार्थ: दुष्टता पूर्ण वचनों से बुरा कुछ नहीं होता-यह सबों को जला कर राख कर देता है। किन्तु संतो के वचन जल के समान अमृत की धार वरसाते हैं।

Meaning: The crooked words are worse of all,they burns all to ashes. The words of saints are like water, they make the nectar rains.

कुटिल वचन नहि बोलिये, शीतल बैन ले चिन्हि
गंगा जल शीतल भया, पर्वत फोरा तिन्हि।

Kutil bachan nahi boliye,sital bain le chinhi
Ganga jal sital bhaya,parbat fora tinhi.

भावार्थ: शत्रुता पूर्ण वचन कभी न बोले केेवल शीतल शुद्ध वचन समझ कर बोंले। गंगा जल शीतल एंव पवित्र है अतः पहाड़ फोड़ कर आता है। अच्छे वचन से सभी कठिन काम सिद्ध होते है।

Meaning: Never speak perverse words, utter cool words. The water of Ganga being cold breaks the mountain and flows out.

खोद खाये धरती सहै, काट कूट वनराये
कुटिल वचन साधु सहै, और से सहा ना जाये।

Khod khaye dharti sahai,kat kut banrai
Kutil bachan sadhu sahai,aaur se saha na jaye.

भावार्थ: धरती खोदना-जोतना-कोड़ना सहती है। जंगल काट कूट सहती है। साधु कुटिल-दुष्ट वचन सहते है। अन्य लोगों से इस प्रकार की बाते नहीं सही जाती है।

Meaning: The earth bears the digging,the forest bears cutting. The saint bears crooked words,none others can bear it.

जंतर मंतर सब झूठ है, मति भरमो जग कोये
सार शब्द जाने बिना, कागा हंस ना होये।

Jantar mantar sab jhuth hai,mati bharmo jag koye
Saar sabd jane bina,kaga hans na hoye.

भावार्थ: तंत्र, मंत्र, यंत्र सब झूठी बातें हैं। इन सब चीजों से संसार को भ्रमित मत करो। जीवन के मूल तत्व और मंत्र को जाने बिना कौआ कभी हॅंस नहीं बन सकता है।

Meaning: Amulets and hymns are all lie,don’t confuse the world. Without knowing the right words,the crow can not become a swan.

जिभ्या जिन बस मे करि, तिन बस कियो जहान
नहि तो अवगुन उपजै, कहि सब संत सुजान।

Jivya jin bas me kari,tin bas kiyo jahaan
Nahi to awagun upjay,kahi sab sant sujan.

भावार्थ: जिसने अपने जिहवा को नियंत्रित कर लिया है वह वस्तुतः संसार को जीत लिया है। अन्यथा अनेक अवगुण और पाप पैदा होते हैं- ऐसा ज्ञानी संतों का विचार है।

Meaning: One who has controlled his tongue,he has controlled the world. Otherwise the vice grows,so say all the wise saints.

जिहवा मे अमृत बसै, जो कोई जाने बोल
बिष बासुकि का उतरै, जिहवा तानै हिलोल।

Jihwa me amrit basai,jo koi jane bol
Bish basuki ka utrai,jihwa tanai hilol.

भावार्थ: जीभ में अमृत का बास है यदि लोग सही बोलना जानें। यह बासुकी नाग के जहर को भी अपने मीठी बोली के प्रभाव से खींच लेता है।

Meaning: There is nectar in the tongue if one knows how to speak. There is deadly poison of snake in the tongue, if one does not know how to speak.

बोले बोल बिचारि के, बैठे ठौर सम्हारि
कहे कबीर ता दास को, कबहु ना आबै हारि।

Bolai bol vichari ke,baithe thaur sambhari
Kahai Kabir ta das ko,kabahu na aabai hari.

भावार्थ: खूब सोच समझ विचार कर बोलो और सही ढं़ग से उचित स्थान पर ही बैठो। कबीर कहते है कि ऐसा व्यक्ति हार कर नहीं लौटता है।

Meaning: Speak only after careful thinking, sit only at the right place. Kabir says such a man will never witness defeat.

जिहवा शक्कर दूध जीव, जिहवा प्यारी जागि
जिहवा प्यारी रहि मिलै, जिहवा लावै आगि।

Jihwa shakkar dudh jiv,jihwa pyari jagi
Jihwa pyari rahi mile,jihwa labai aagi.

भावार्थ: जीह में चीनी ओर दूध का बास होता है। अतः जीभ को सर्तकता पूर्वक रहना चाहिये। यही जीव हमें प्रियतम-प्यारी से मिलाता है और यही जीव आग भी लगा देती है।

Meaning: The tongue is sugar and milk, be cautious with the tongue. The tongue makes you meet a beloved and the tongue also causes fire.

मता हमारा मंत्र है, हम सा है सो लेह
शब्द हमारा कल्पतरु, जो चाहे सो देह।

Mata hamara mantra hai,ham sa hai so leh
Sabd hamara kalptaru,jo chahe so deh.

भावार्थ: मेरे विचार माॅं के समान लाभ दायी हैं। यदि तुम मेरे समान ही हित चाहते हो तो इसे वह प्राप्त करो। मेरे विचार कल्प वृक्ष के समान हैं। तुम जो भी इच्छा करोगे-तुम्हें इससे वह प्राप्त होगा।

Meaning: My counsel is like mother,one who is like me can take it. My words are like sacred tree whatever you wish it gives.

जिहि शब्दे दुख ना लगे, सोई शब्द उचार
तप्त मिटी शीतल भया, सोई शब्द तत सार।

Jihi sabde dukh na lage,soi sabd uchar
Tapt miti sital bhaya,soi sabd tatsar.

भावार्थ: जिन शब्दो से कोई दुखी ना हो-उसे ही बोलिये। जो शब्द तप्तहृदय की दग्घता मिटा दे और हृदय में शीतलता उत्पन्न करे उसे ही बोलना चाहिये।

भावार्थ: Speak only those words which do not hurt. Speech is powerful enought that it can comfort the heart and cool down the fire.

आदि नाम पारस अहै, मन है मैला लोह
परसत ही कंचन भया, छूटा बंधन मोह।

Aadi nam paras aahai, man hai maila loh
Parsat hi kanchan bhaya,chhoota bandhan moh.

भावार्थ: प्रभु पारस पथ्थर की भाॅंति है और मन गंदे लोहे की तरह है। इसके स्पर्श मात्र से ही यह सोना हो जाता है और संसार के सभी मोहमाया के बंधन से मुक्ति हो जाती है।

Meaning: God’s name is the philosopher’s stone and your mind is the dirty iron. The mere touch converts it into gold, exempting it from all bindings and delusions.

मुख आबै सो कहै, बोले नहीं बिचार
हाते परै आत्मा, जीव बंाधि तरवार।

Mukh aabai so kahe,bole nahi vichar
Hate parai aatma,jiv bandhi tarwar.

भावार्थ: बिना उचित विचार किये जो भी मुॅंह में आता है बोल देते हैं मानों जिहवा में तलवार बाॅंधकर रखते हैं-फलतः दूसरों के हृदय और आत्मा को दुखी करते हैं।

Meaning: We utter whatever comes to mouth, without thinking twice.Our speech hurts others soul as if a sword is bound to the tongue.

मैं कलि का कोतवाल हूॅ, लेहू शब्द हमार
जो यह शब्दहि मानि है, सो उतरै भौपार।

Mai kali ka kotwal hun,lehu sabd hamar
Jo yeh sabdahi mani hai,so utrai bhaupar.

भावार्थ: मैं इस कलियुग का रक्षक पहरेदार हूॅं। हमारे शब्दों पर ध्यान दों जो मेरे उपदेश को मानेगें वे निश्चित ही इस भव रुपी संसार सागर के पार उतर जायेंगे।

Meaning: I am the superintendent of police of this age,take words of mine. Whoever follows my words will cross over this worldly sea.

रैन तिमिर नासत भयो, जब ही भानु उगये
सार शब्द के जानते, करम भरम मिटि जाये।

Rain timir nasat bhayo,jab hi bhanu ugay
Sar sabd ke jante,karam bharam miti jaye.

भावार्थ: सूर्य के उदय के कारण दिन का अंधकार अंत हो जाता है। इसी प्रकार मेरे शब्दों-उपदेशों का मूल तत्व जान लेने पर सभी सांसारिक कर्मों का भ्रम समाप्त हो जाता है।

Meaning :The darkness of the day ends when the sun rise. When you know the gist of the words,the doubts of the doings end.

शब्द जु ऐसा बोलिये, तन का आपा खोये
औरन को शीतल करै, आपन को सुख होये।

Sabd joo aisa boliye, tan ka aapa khoye
Aauran ko sital karai,aapan ko sukh hoye.

भावार्थ: इस प्रकार से शब्द-वचन बोलें जिस में अपने अहंकार को नाश कर दिया हो। जो दूसरों के मन को शीतल-हर्षित कर दे और बोलने बाले को सुखी करे।

Meaning: Utter only such words which are deprived of all your bodily prides. Such words will calm others and you will also get happiness.

संत संतोषी सर्वदा, सबहि भेद बिचार
सतगुरु के परताप ते सहज शील मत सार।

Sant santoshi sarbada, sabahi bhed vichar
Satguru ke partap te,sahaj seel mat sar.

भावार्थ: शब्द और वाणी के रहस्य के विचारो परांत संत सर्वदा संतोषी रहते हैं और ईश्वर की कृपा से वे सदा सहज रुप से शील और सार तत्व को ही प्राप्त करते हैं।

Meaning: A saint is always satisfied by thinking the mystery of words. By the grace of God, they bear the inherent gist of virtue and views.

सकल ब्रहमांड है शब्द मे, शब्दहि ब्रहम् महान
शब्द परे कछु है नहीं, जानत मुनि बिज्ञान।

Sakal brahmand hai sabd me,sabdahi Brahma mahan
Sabd pare kachhu hai nahi,janat muni vigyan.

भावार्थ: यह अखिल विश्व शब्द में ही निहित है। शब्द ही वस्तुतः महान ईश्वर है। इस शब्द के बाहर कुछ भी नही है ऐसी जानकारी मुनि,विद्वान अपने ज्ञान एंव विज्ञान से कहते है।

Meaning: The whole universe is in the words,the word itself is the great God. There is nothing beyond words, so say the monks with science and knowledge.

सतयुग त्रेता द्वापरा, येह कलियुग अनुमान
सार शब्द ऐक सच है, और झूठ सब ज्ञान।

Satyug treta dwapara,yeh kalyug anuman
Saar sabd ek such hai,aur jhuth sab gyan.

भावार्थ: सतयुग,त्रेता द्वापर और इस कलियुग का एकमात्र अनुमान है कि प्रभु का ज्ञान ही एकमात्र सत्य है।अन्य सभी ज्ञान झूठ हैं।

Meaning: This is the guess in kaliyug, satyug treta and dwapar. The meaning of all words is the one God, all other knowledge is false.

शब्द उपदेश जू मैं कहूॅ ,जो कोई माने संत
कहे कबीर बिचारि के, ताहि मिलाबो कंत।

Sabd updesh ju main kahun,jo koye mane sant
Kahai Kabir vichari kai,tahi milabon kant.

भावार्थ: कबीर का सुविचार मत है कि जो शब्द और उपदेश वे कहते है यदि कोई संत उसे हृदय से स्वीकार करे तो कबीर ईश्वर से अवश्य मिला देगें।

Meaning: If the saint agrees with my words and preaching. says Kabir, I will get them to meet the God.

शब्द बड़ा बलवान है, शब्द समान ना कोये
सब शब्दहि से होत है, शब्दहि मे सब होये।

Sabd bara balban hai,sabd saman na koye
Sab sabdahi se hote hai,sabdahi me sab hoye.

भावार्थ: शब्द बहुत शक्तिशाली होता है। इसके समान कुछ भी नहीं होता । संसार में सब कुछ शब्द ईश्वर से ही होता है और दुनिया के सारे शब्द ईश्वर में ही स्थित हैं।

Meaning: The words are very strong,there is nothing like words. Every thing happens with words and everything is in the words.

शब्द बराबर धन नहीं, जो कोई जाने बोल
हीरा तो दामो मिले, शब्द ही मोल ना तोल।

Sabd barabar dhan nahi,jo koye jane bol
Hira to damo milay,sabd hi mole na tole.

भावार्थ: शब्द के समान कोई धन नहीं होता यदि कोई बोलना जानता हो। हीरा को मूल्य लगा कर खरीदा जा सकता है किंतु शब्द का मोल भाव संभव नहीं होता है।

Meaning: No wealth is equal to words,if one knows how to speak. Diamond can be purchased with money but speech cannot be bargained or weighed.

शब्द शब्द सब कोई कहै, शब्द का करो बिचार
ऐक शब्द शीतल करै, ऐक शब्द दे जार।

Sabd sabd sab koi kahe,sabd ka karo vichar
Ek sabd sital karai,ek sabd de jar.

भावार्थ: शब्द-शब्द सब कोई बोलते हैं पर शब्द पर विचार करना चाहिये। एक शब्द मन को शीतल करता है और एक शब्द हृदय में जलन उत्पन्न करता है।

भावार्थ: Everyone speaks words, you think over the word. A word can calm our minds while other can burn.

शब्द सम्हारै बोलिये, शब्द के हाथ ना पांव
ऐक शब्द औषध करै , ऐक शब्द करै घाव।

Sabd samharai boliye,sabd ke hath na paw
Ek sabd ausadh karai,ek sabd karai ghaw.

भावार्थ: हमें संभल कर बोलना चाहिये-शब्द को हाथ पैर नहीं होता हैं। कोई शब्द दवा की तरह काम करता है और कोई शब्द घाव बन जाता है।

Meaning: Speak words cautiously, word has neither hand nor feet. One word becomes medicine while other causes injury.

शीतल शब्द उचारिये, अहंन आनिये नाहि
तेरा प्रीतम तुझहि मे, दुशमन भी तुझ माहि।

Sital sabd uchariye,ahan aaniye nahi
Tera pritam tujhahi me,dushman bhi tujh mahi.

भावार्थ: सर्वदा शीतल मधुर लाभदायी बोलें-कभी अपने अंदर घमंड और अहंकार नहीं आने दें। आपका प्रेमी प्रभु आपके हृदय में हैं और आपका शत्रु भी आपके भीतर ही बैठा है।

Meaning: Always speak sweet,never let the pride come in way. Your beloved is within you and your enemy is also in you.

शब्द हमारा हम शब्द के, शब्द ब्रहम् का कूप
जो जाहै दीदार को परख शब्द का रुप।

Sabd hamara ham sabd ke,sabd Brahm ka koop
Jo chahai deedar ko parakh sabd ka roop.

भावार्थ: हम शब्द की पूजा करते हैं और शब्द हमारा पूज्य है। जो ईश्वर का साक्षातकार चाहता हो उसे शब्द के मूल स्वरुप की परख होनी चाहिये।

Meaning: The word is mine I am for the words,word is the source of God. One who wishes to view the God mst examine the form of words.

शब्द शब्द बहु अंतरा, सार शब्द चित देह
जा शब्दै साहिब मिलै, सोई शब्द गहि लेह।

Sabd sabd bahu antara,sar sabd chit deh
Ja sabdai sahib milay,soi sabd gahi leh.

भावार्थ: शब्द-शब्द में बहुत अंतर है। जो मूल सत्य के शब्द हैं उन्हें अपने हृदय-चिन्तन में रखो। जिस शब्द से प्रभु का दर्शन हो तुम उसी शब्द को पकड़े रहो तुम्हारा बेरा पार होगा।

Meaning: Words differ in their import, what comes of a word is what is in your heart. Take only those words which lead to God.

रैन समानी भानु मे, भानु अकासे माहि
अकाश समाना शब्द मे, शब्द परै कछु नाहि।

Rain samani bhanu me,bhanu aakase mahi
Aakash samana sabd me,sabd parai kachhu nahi.

भावार्थ: सूर्य के प्रगट होने पर रात समाहित हो जाता है। सूर्य भी आकाश में समाहित है।आकाश शब्द में समाहित है और शब्द के परे कुछ भी नहीं है। शब्द ही ब्रम्ह है।

Meaning :The night is gone with the rising of sun,the sun is inside the sky. The sky is also within the words,there is nothing outside the words.

विषय से सम्बंधित लेख :

कबीर के दोहे-भाग 1-अनुभव: Kabir Ke Dohe-Experience
कबीर के दोहे-भाग 2-काल: Kabir Ke Dohe-Death
कबीर के दोहे-भाग 3-माया: Kabir Ke Dohe-Illusion
कबीर के दोहे-भाग 4-नारी: Kabir Ke Dohe-Women
कबीर के दोहे-भाग 5-सेवक: Kabir ke Dohe-Servant
कबीर के दोहे-भाग 6-भिक्षा: Kabir ke Dohe-Alms
कबीर के दोहे-भाग 7-वेश: Kabir ke Dohe-Garb
कबीर के दोहे-भाग 8-बन्धन: Kabir ke Dohe-8 Bondage
कबीर के दोहे-भाग 9-चेतावनी: Kabir Ke Dohe-Warning
कबीर के दोहे-भाग 10-वाणी: Kabir Ke Dohe-Speech
कबीर के दोहे-भाग 11-परमार्थ: Kabir Ke Dohe-Welfare
कबीर के दोहे-भाग 12-वीरता: Kabir Ke Dohe-Bravery
कबीर के दोहे-भाग 13-भक्त: Kabir Ke Dohe-Devotee
कबीर के दोहे-भाग 14-संगति: Kabir Ke Dohe-Company
कबीर के दोहे-भाग 15-परामर्श: Kabir Ke Dohe-Advice
कबीर के दोहे-भाग 16-मन: Kabir Ke Dohe-Mind
कबीर के दोहे-भाग 17-मोह: Kabir Ke Dohe-Attachment
कबीर के दोहे-भाग 18-लोभ: Kabir Ke Dohe-Greed
कबीर के दोहे-भाग 19-पारखी: Kabir Ke Dohe-Examiner
कबीर के दोहे-भाग 20-विरह: Kabir Ke Dohe-Separation
कबीर के दोहे-भाग 21-प्रेम: Kabir Ke Dohe-Love
कबीर के दोहे-भाग 22-ज्ञानी: Kabir Ke Dohe-Scholar
कबीर के दोहे-भाग 23-विश्वास: Kabir Ke Dohe-Faith
कबीर के दोहे-भाग 24-सर्वव्यापक ईश्वर: Kabir Ke Dohe-Omnipotent God
कबीर के दोहे-भाग 25-ईश्वर स्मरण: Kabir Ke Dohe-Rememberance
कबीर के दोहे-भाग 26-खोज: Kabir Ke Dohe-Search
कबीर के दोहे-भाग 27-क्रोध: Kabir Ke Dohe-Anger
कबीर के दोहे-भाग 28-बुद्धि: Kabir Ke Dohe-Intellect
कबीर के दोहे-भाग 29-संतजन: Kabir Ke Dohe-Saints
कबीरदास जी के प्रसिद्द दोहे

Facebook Comments Box

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Tell us how we can improve this post?

Dibhu.com is committed for quality content on Hinduism and Divya Bhumi Bharat. If you like our efforts please continue visiting and supporting us more often.😀
Tip us if you find our content helpful,


Companies, individuals, and direct publishers can place their ads here at reasonable rates for months, quarters, or years.contact-bizpalventures@gmail.com


Happy to See you here!😀

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्मो रक्षति रक्षितः