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Yajnopaveet

यज्ञोपवीत की आवश्यकता और महत्व

यज्ञोपवीत की आवश्यकता और महत्व सनातन धर्म में यज्ञोपवीत की बड़ी महत्ता कही गयी है| यहाँ तक कि हर एक पूजा, यज्ञ, और देव , पितृ आदि कर्मों में यज्ञोपवीत धारण करना अनिवार्य ( आवश्यक ) …

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श्री शिव जी की आरती-4

भगवान श्री शिव जी की आरती–4 आरती भोलेनाथ भक्त-दुखगंजन भवभंजन अभयदान दीजै दयालु प्रभु सकल सृष्टिके हितकारी ।भोलेनाथ भक्त-दुखगंजन भवभंजन शुभ सुखकारी ॥ दीनदयालु कृपालु कालरिपु अलखनिरंजन शिव योगी ।मंगल रूप अनूप छबीले अखिल भुवनके तुम भोगी …

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पूजा में प्रयुक्त होने वाले सप्त धान्य|7 Sacred Grains-Satnaja for Pooja

सप्त धान्य का प्रयोग पूजा में होता है| सप्त धान्‍य में सात पवित्र आनाज होते है। जिस पूजा में कलश का प्रयोग होता है वहाँ सप्त-धान्य की आवश्यकता होती है।

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राम नाम दोहराने से बदल जाता है अर्थ-Ram naam changes its meaning upon usage

दोहराने से बदल जाता है अर्थ ! राम ! ( पुकार ) – Ram( A Call) Calling Once- As if just calling Lord name in the moment of introversion or soul searching राम राम ! ( …

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