June 4, 2023

आखिर कौन थे सम्राट पृथ्वीराज चौहान ?

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पूरा नाम – पृथ्वीराज चौहान
अन्य नाम – राय पिथौरा
पिता – राजा सोमेश्वर चौहान
माता – कमलादेवी
पत्नी – संयोगिता
जन्म – 1149 ई.
राज्याभिषेक – 1169 ई.
मृत्यु – 1192 ई.
राजधानी – दिल्ली, अजमेर
वंश – चौहान (राजपूत)

आज की पीढ़ी इनकी वीर गाथाओ के बारे में बहुत कम जानती है! तो आइए जानते है.. सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुडा इतिहास एवं रोचक तथ्य,,,

(1) प्रथ्वीराज चौहान ने 12 वर्ष कि उम्र मे बिना किसी हथियार के खुंखार जंगली शेर का जबड़ा फाड़ ड़ाला था ।

(2) पृथ्वीराज चौहान ने 16 वर्ष की आयु मे ही महाबली नाहरराय को युद्ध मे हराकर माड़वकर पर विजय प्राप्त की थी।

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(3) पृथ्वीराज चौहान ने तलवार के एक वार से जंगली हाथी का सिर धड़ से अलग कर दिया था ।

(4) महान सम्राट प्रथ्वीराज चौहान कि तलवार का वजन 84 किलो था, और उसे एक हाथ से चलाते थे ..सुनने पर विश्वास नहीं हुआ होगा किंतु यह सत्य है|

(5) सम्राट पृथ्वीराज चौहान पशु-पक्षियो के साथ बाते करने की कला जानते थे।

(6) महान सम्राट पुर्ण रूप से मर्द थे अर्थात उनकी छाती पर स्तंन बिंदु नही थे ।

(8) प्रथ्वीराज चौहान 1166 ई. मे अजमेर की गद्दी पर बैठे और तीन वर्ष के बाद यानि 1169 मे दिल्ली के सिहासन पर बैठकर पुरे हिन्दुस्तान पर राज किया।

(9) सम्राट पृथ्वीराज चौहान की तेरह पत्निया थी। इनमे संयोगिता सबसे प्रसिद्ध है|

(10) पृथ्वीराज चौहान ने महमुद गौरी को 16 बार युद्ध मे हराकर जीवन दान दिया था और 16 बार कुरान की कसम का खिलवाई थी ।

(11) गौरी ने 17 वी बार मे चौहान को धोखे से बंदी बनाया और अपने देश ले जाकर चौहान की दोनो आँखे फोड दी थी ।
उसके बाद भी राजदरबार मे पृथ्वीराज चौहान ने अपना मस्तक नहीं झुकाया था।

(12) महमूद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को बंदी बनाकर अनेको प्रकार की पीड़ा दी थी और कई महीनों तक भूखा रखा था, फिर भी सम्राट की मृत्यु न हुई थी ।

(13) सम्राट पृथ्वीराज चौहान की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि जन्मसे शब्द भेदी बाण की कला ज्ञात थी। जो की अयोध्या नरेश “राजा दशरथ” के बाद केवल उन्ही में कही जा सकती है।

(14) सबसे महत्वपूर्ण तथ्य, पृथ्वीराज चौहान ने महमुद गौरी को उसी के भरे दरबार मे शब्द भेदी बाण से मारा था ।
गौरी को मारने के बाद दुश्मन के हाथो नहीं मरे अर्थात अपने मित्र चंदबरदाई के हाथो मरे दोनो ने एक दुसरे को मार लिया क्योंकि और कोई विकल्प नहीं था ।

दुख होता है ये सोचकर कि कोंग्रेस वामपंथीयो ने इतिहास की पुस्तकों में टीपू सुल्तान, बाबर, औरँगजेब, अकबर जैसे हत्यारो से भर दिया और पृथ्वीराज जैसे योद्धाओ को नई पीढ़ी को पढ़ने नही दिया बल्कि इतिहास छुपा दिया।

Samrat Prithviraj killing Mohammad Gori
Maharaj Prithviraj Chauhan
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