Vichitraveer Hanuman Yantra

विचित्रवीर हनुमान स्त्रोत व यंत्र

दुर्लभ प्राचीन विचित्र वीर हनुमान यंत्र दर्शन करने मात्र से ही सारे संकट मिट जाते हे। ॐ नमो भगवते विचित्रवीर हनुमते प्रलयकालानलप्रभाज्वलत्प्रताप वज्रदेहाय अजनीगर्भसम्भूताय प्रकटविक्रमवीर दैत्य – दानवयक्षराक्षसग्रहबन्धनाय भूतग्रह प्रेतपिशाचग्रह शाकिनीग्रह डीकिनीग्रह काकिनीग्रह कामिनीग्रह ब्रह्मग्रह ब्रह्मराक्षसग्रह …

विचित्रवीर हनुमान स्त्रोत व यंत्र Read More
Chhathi Maiya-Shashthi Devi

षष्ठी देवी-छठी मैया स्तोत्र

माता श्री षष्ठी देवी(छठी मैया) स्तोत्र नमो देव्यै महादेव्यै सिद्ध्यै शान्त्यै नमो नम:।शुभायै देवसेनायै षष्ठी देव्यै नमो नम: ।। वरदायै पुत्रदायै धनदायै नमो नम:।सुखदायै मोक्षदायै षष्ठी देव्यै नमो नम:।। शक्ते: षष्ठांशरुपायै सिद्धायै च नमो नम:।मायायै सिद्धयोगिन्यै …

षष्ठी देवी-छठी मैया स्तोत्र Read More
Shri Hanuman ji and Shri Tulasidas ji

तुलसीदास के दोहे-10: विवेक

जनम मरन सब दुख सुख भोगा।हानि लाभ प्रिय मिलन वियोगा।काल करम बस होहिं गोसाईं।बरबस राति दिवस की नाईं। अर्थ: जन्म मृत्यु सभी दुख सुख के भेाग हानि लाभ प्रिय लोगों से मिलना याबिछुड़ना समय एवं कर्म …

तुलसीदास के दोहे-10: विवेक Read More
Shri Hanuman ji and Shri Tulasidas ji

तुलसीदास के दोहे-9: मित्रता

जे न मित्र दुख होहिं दुखारी।तिन्हहि विलोकत पातक भारी।निज दुख गिरि सम रज करि जाना।मित्रक दुख रज मेरू समाना। जो मित्र के दुख से दुखी नहीं होते उन्हें देखने से भी भारी पाप लगता है।अपने पहाड़ …

तुलसीदास के दोहे-9: मित्रता Read More
Shri Hanuman ji and Shri Tulasidas ji

तुलसीदास के दोहे-8: कलियुग

सो कलिकाल कठिन उरगारी।पाप परायन सब नरनारी। कलियुग का समय बहुतकठिन है।इसमें सब स्त्री पुरूस पाप में लिप्त रहते हैं। कलिमल ग्रसे धर्म सब लुप्त भये सदग्रंथदंभिन्ह निज मति कल्पि करि प्रगट किए बहु पंथ। कलियुग …

तुलसीदास के दोहे-8: कलियुग Read More

धर्मो रक्षति रक्षितः