भगवान श्री शिव जी की आरती-7
भगवान श्री शिव जी की आरती-7
आरती भगवान श्री शिवशंकर
हरि कर दीपक, बजावें संख सुरपति,
गनपति झाँझ, भैरों झालर झरत हैं ।
नारदके कर बीन, सारदा गावत जस,
चारिमुख चारि वेद बिधि उचरत हैं ॥
षटमुख रटत ससहस्रमुख सिव सिव,
सनक-सनंदनादि पाँयन परत हैं ।
बालकृष्ण तीनि लोक, तीस और तीनि कोटि,
एते शिवशंकरकी आरति करत हैं ॥
।।इति श्री शिवशंकर जी की आरती समाप्त।।
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Shri Shiv Shankar Arati in English
Hari Kar Deepak, Bajaven Sankh Surapati,
Ganapati Jhanjh, Bhairon Jhalar Jharat Hain ।
Naradake Kar Been, Sarada Gavat Jas,
Charimukh Chari Ved Bidhi Ucharat Hain ।
Shatamukh Ratat Sasahasramukh Siv Siv,
Sanak-Sanandanadi Panyan Parat Hain ।
Balakrshn Teeni Lok, Tees Aur Teeni Koti,
Ete Shivashankarakee Arati Karat Hain ।
।।Thus Shri Shiv Shankar Arati Ends।।


1.श्री शिव जी की आरती-1: ॐ जय शिव ओंकारा
2.श्री शिव जी की आरती-2: हर हर हर महादेव
3.श्री शिव जी की आरती-3: शीश गंग अर्धंग पार्वती
4.श्री शिव जी की आरती-4:आरती भगवान श्री भोलेनाथ जी
5.श्री शिव जी की आरती-5:जयति जयति जग-निवास
6.श्री शिव जी की आरती-6:ॐ जय गंगाधर जय हर गिरिजाधीशा
7.श्री शिव जी की आरती-7:आरती भगवान श्री शिवशंकर
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2.आरती संग्रह -१००+ आरतियाँ