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Category Archives: Kuchh Man Ki

 मिलते जुलते रहा करो

मिलते जुलते रहा करो धार वक़्त की बड़ी प्रबल है, इसमें लय से बहा करो, जीवन कितना क्षणभंगुर है, मिलते जुलते रहा करो। Booking.com यादों की भरपूर पोटली, क्षणभर में न बिखर जाए, दोस्तों की अनकही कहानी, तुम भी थोड़ी कहा करो। हँसते चेहरों के पीछे भी, दर्द भरा हो सकता है, यही सोच मन … Continue reading  मिलते जुलते रहा करो

प्रेम चंद्र की एक सुंदर कविता

प्रेम चंद्र की एक सुंदर कविता•٠ . ❝ खवाहिश ❞ नही मुझे ❝ मशहुर ❞ होने की आप मुझे ❝ पहचानते ❞ हो बस इतना ही काफी है अच्छे ने ❝ अच्छा ❞ और बुरे ने ❝ बुरा ❞ जाना मुझे क्यों की जिसकी जितनी ❝ जरुरत ❞ थी उसने उतना ही पहचाना मुझे !! … Continue reading प्रेम चंद्र की एक सुंदर कविता

हनुमान जी हर वर्ष राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में सरयू नदी के तट पर आते हैं|

एक बार द्वापर युग में नारद मुनि हनुमान जी की परीक्षा लेना चाहते थे| वो हनुमान जी को जाके बताते हैं कि भगवान श्री राम अब श्री कृष्ण रूप में द्वारका में हैं| तो हनुमान जी को जाके प्रभु के दर्शन कारण चाहिए| हनुमान जी उत्तर देते हैं कि वो तभी जाएँगे जब, प्रभु की … Continue reading हनुमान जी हर वर्ष राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में सरयू नदी के तट पर आते हैं|

गंगा तट पर एक शाम

यह शाम का समय , प्रायः गोधुलि वेला से दो घड़ी पहले का प्रहर, अपने आप में बहुत सारी रोचकता को समेटे हुए है| गंगा के किनारे बैठना और लहरों में अठखेलियाँ करती सूर्य  रश्मियों  को निहारना, कितना रोचक हो सकता है, शायद आज की भाग दौड़ और अत्यधिक मानसिक दबाव वाली कार्य संस्कृति में समझाना … Continue reading गंगा तट पर एक शाम

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